गोंदिया : जिनकी कोई नहीं सुनता उनकी खुदा सुनता है। और गरीब बेसहाराओं की मदद के लिए कोई न कोई जरूर आगे आता है।
विनीता ठाकरे एक ऐसी महिला हैं जो गरीब और मजलूमों की सेवा के लिए हमेशा तत्पर रहती हैं, उनकी आवाज बनती जा रही हैं।
गोंदिया जिले के तिरोड़ा की रहने वाली विनीता ठाकरे 3 प्यारी सी बेटियों की माँ हैं। तीनों बेहद प्यारी और संस्कारी हैं और सबसे बड़ी बात तीनों बिटियां आत्मनिर्भर हैं
एक बिटिया इंजीनियर है, दूसरी बिटिया नागपुर एयरपोर्ट में कार्यरत है, और तीसरी बिटिया पढ़ाई के साथ-साथ एंकरिंग मॉडलिंग व एक्टिंग भी कर रही है। तीनों बेटियों ने परिवार को कभी बेटे की कमी महसूस नहीं होने दी। विनीता कहती हैं कि उनकी तीनों बेटियां, बेटों से कम नहीं हैं वो हर कदम पर लड़कों से एक कदम आगे हैं।
विनीता के पति शिक्षक हैं। विनीता के पिता भी पेशे से शिक्षक थे। और माँ समाजसेविका थीं। तो ऐसे में विनीता को संस्कार बचपन से ही मिले, या यूं कहें कि वो संस्कारी घर में पैदा हुई। विनीता ग्रेजुएट हैं उन्होंने बीए तक पढ़ाई की है। महाराष्ट्र के छोटे से गांव धामनेवाड़ा में जन्मी विनीता बचपन से संस्कारी रही हैं। आईपीएस बनने के सपने देखने वाली विनीता की शादी जल्दी हो गयी, जिस वजह से उनका ख्वाब, ख्याब रह गया। चूंकि आईपीएस बनकर वो समाजसेवा करना चाहती थीं लेकिन शादी के बाद आईपीएस तो नहीं बन पाई लेकिन समाजसेविका जरूर बन गईं। विनीता को लोगों की मदद करने का शौक बचपन से ही था। तो उनका यह सपना जरूर पूरा हो गया।
विनीता एक ब्यूटीपार्लर भी चलाती हैं जिसमें वे गरीब लड़कियों को ट्रेनिंग देती हैं उन्हें आत्मनिर्भर बनाती हैं।
विनीता पत्रकार हैं, वे कई मानव अधिकार संगठनों से जुड़ी हुई हैं साथ ही साथ वे एक सामाजिक संस्था “सप्तसृंगी महिला नागरीपत संस्था” भी चलाती हैं, जिसकी वो अध्यक्ष हैं। विनीता के सामने अनेकों परेशानियां आईं, बहुत से लोगों ने इनके रास्ते रोकने चाहे लेकिन सभी परेशानियों को आंखें दिखा विनीता आगे बढ़ती गयीं।
विनीता की पहचान पत्रकार और समाजसेविका के रूप में बन गयी है। विनीता ठाकरे तिरोड़ा से खबर 24 एक्सप्रेस चैनल की ब्यूरो भी हैं।
एक ओर जहां लोग अपने व्यस्तम जीवन से खुद अपने लिए समय नहीं निकाल पाते वहीं विनीता जैसी महिलाएं गरीबों की मदद के लिए हमेशा तत्पर रहती हैं।
विनीता घर का काम खत्म कर लोगों की मदद के लिए निकल जाती हैं।
विनीता ऐसी महिलाओं की आवाज बन गयी हैं जिनकी कोई नहीं सुनता है।
विनीता का कहना है कि महिलाएं 50 % होने के बावजूद उनकी कोई नहीं सुनता। आजकी महिला इतनी आगे बढ़ने के बावजूद भी अपने को अपेक्षित महसूस कर रही है। उनका कहना है कि महिलाएं बच्चे पैदा करने या घर की देखभाल करने के लिए ही नहीं बनी हैं आजकी महिला पुरुषों की बराबरी कर रही है। वो अंतरिक्ष में कदम रख रही है चांद पर जाने की हिम्मत कर रही है, बड़े वैज्ञानिकों, अफसरों, संजसेविकाओं, नेताओं में भी महिलाओं का नाम शुमार है लेकिन फिर भी महिलाओं को वो हिस्सेदारी नहीं मिली जो पुरुषों को मिली है। इसीलिये वो महिलाओं की आवाज बन रहीं हैं। गरीब मजलूमों की आवाज बन रही हैं।
विनीता का मानना है कि जिस मनुष्य ने भी इस धरती पर जन्म लिया है उसे स्वतंत्र रूप से जीने का अधिकार है वे चाहे गरीब हों या अमीर। हर किसी को आत्मनिर्भर बनना चाहिए ताकि मदद के लिए किसी का मुंह न ताक सकें।
विनीता का कहना है कि यह संसार सिर्फ अमीरों के लिये ही नहीं बना है। गरीबों की भी उतनी ही भागीदारी है जितनी अमीरों की।
उनका कहना है कि अमीरों के काम पलक-झपकते पूरे हो जाते हैं जबकि गरीबों को तो उनके हक का राशन तक नहीं मिल पाता। सरकार ने गरीबों के लिए बहुत सारी योजनाएं निकाली हुई हैं लेकिन इन सबके बावजूद उन्हें उन सब से वंचित रखा जाता है, गरीबों से भेदभाव किया जाता है। खुद सरकार गरीबों के लिए भले कितनी योजनाएं ले आये लेकिन वो स्वयं भी भेदभाव करती है।
विनीता का मानना है कि लोगों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना होगा, सरकार से सवाल जबाव करना होगा। अपने अधिकारों के लिए लड़ना होगा। भारत ऐसे ही सम्रद्ध नहीं बन जायेगा जबतक कि हम अपने आपमें बदलाव नहीं ले आते।
विनीता ने शिक्षा के ऊपर भी सवाल उठाया, उन्होंने कहा कि आज शिक्षा का व्यापारीकरण होता जा रहा है जिस वजह से गरीब अच्छी शिक्षा से महरूम रह जाते हैं।
निशुल्क शिक्षा प्रणाली होने के बावजूद गरीब बच्चों को अच्छी शिक्षा नहीं मिल पाती है क्योंकि भेदभाव के कारण उन्हें कोई पढ़ाना ही नहीं चाहता है।
विनीता का मानना है कि “जो देश जितना शिक्षित होगा उतना ही विकसित होगा। सरकार को बिना भेदभाव इस ओर ध्यान देना होगा।”
विनीता ठाकरे जैसी महिलाएं अपने व्यस्तम जीवन से समय निकालकर गरीब मजलूमों के लिए आगे आ रही हैं उनकी आवाज बन रही हैं। अगर महिलाएं-पुरुष दोनों मिलकर ऐसे ही आगे आएं तो वो समय दूर नहीं जब हर कोई अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो जाएगा। अपने अधिकारों को मांगने के लिए सरकार के सामने खड़ा हो जाएगा। ऐसा होने पर देश से अशिक्षा, बेरोजगारी, भुखमरी बिल्कुल मिट जाएगी।
स्पेशल रिपोर्ट : खबर 24 एक्सप्रेस
Discover more from Khabar 24 Express Indias Leading News Network, Khabar 24 Express Live TV shows, Latest News, Breaking News in Hindi, Daily News, News Headlines
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
Khabar 24 Express Indias Leading News Network, Khabar 24 Express Live TV shows, Latest News, Breaking News in Hindi, Daily News, News Headlines Khabar 24 Express Indias Leading News Network, Hindi News – Khabar 24 Express Live TV shows, Latest News, Breaking News in Hindi, Daily News, News Headlines, current affairs, cricket, sports, business and cinema, Latest Hindi News, Breaking News in Hindi, Bollywood Gossip, Bollywood News, Top Hindi News Channel, Khabar 24 Express Live TV, Khabar24, Khabar24 Express





Nice work mam.
मुझे भी समाजसेविका बनना है।
मै भी भारत स्काऊट गाईड की गाईडर हु।