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यह अहंकार की हार है? या राहुल गांधी की जीत, अब ऐसे में क्या आनंदी बेन पटेल की फैक्स मशीन ठीक से चल रही होगी?

 

 

 

जनादेश का सम्मान करते हैं उसे स्वीकार करते हैं, जी यही ट्वीट किया हमारे पीएम नरेंद्र दामोदर दास मोदी ने। यानि एक ट्वीट और हो गयी सफाई। जब जीतते हैं तो वहां मोदी की जीत होती है तो यह हार किसकी है? इसकी कोई जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है यहां तक कि मध्यप्रदेश में तो अभी तक मतों की गिनती चल रही है।

 

 

https://youtu.be/Vi86wHgtqds

 

लोगों में रोष, गुस्सा, झूंठे वादों का पुलिंदा, किसानों का गुस्सा, बड़बोलापन और जीत का घमंड इन सबके बीच इन 5 राज्यों के चुनावों का परिणाम भाजपा नहीं बल्कि मोदी के पक्ष में नहीं आया। मोदी ने जहां भी चुनाव प्रचार किया उन्होंने यही कहा कि “आप मोदी के लिए वोट करें” उन्होंने प्रदेश के मुखियाओं के नाम पर वोट नहीं मांगे बल्कि अपने नाम पर मांगे। और अब जब परिणाम एक दम उलट हैं तो सिर्फ एक ट्वीट।

अब चाहे घमंड रहे या चूर हो जाये, लेकिन एक बात जरूर साफ हो गयी कि आप जैसे ही असल मुद्दों से भटकेंगे लोग उसको अपने दिल में रखकर वोट करेंगे। और वैसे भी जमाना सोशल मीडिया का है, “ये सोशल मीडिया और सस्ता नेट भी आपको मेहरबानी ही है।”

अब बात करते हैं पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के परिणामों की… सबसे पहले बात करते हैं छत्तीसगढ़ की जहां पीएम मोदी ने चुनाव प्रचार करते वक़्त कांग्रेसी नेताओं के ऊपर बेहद ही घटिया आरोप लगाए थे। वैसे तो पीएम की आदत है 4 साल से वे यही कर रहे हैं।
छत्तीसगढ़ जीतने के लिए भाजपा ने वैसे तो कोई कोर कसर नहीं छोड़ी थी भाजपा की तरफ से 350 सभाएं व रैलियां हुईं जिनमें पीएम मोदी हमेशा की तरह स्टार प्रचारक के तौर पर थे। तो बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, राजनाथ सिंह, बाबुल सुप्रियो झारखंड सीएम रघुवर दास, सांसद मनोज तिवारी, सांसद हेमा मालिनी सहित 20 से अधिक दिग्गज नेताओं ने चुनावी सभाएं की हैं। जबकि सीएम डा. रमन सिंह ने 50 से अधिक रैलियां की हैं।
जीते केवल 16, यहां कांग्रेस को 67 सीटें मिली जो छप्पड़ फाड़ जीत है, जिसकी उम्मीद शायद कांग्रेस ने उम्मीद नहीं की होगी।

https://youtu.be/Vi86wHgtqds

 

अब बात करते हैं राजस्थान की… यहां पर कांग्रेस ने जीत भले हासिल की हो लेकिन छत्तीसगढ़ जैसी जीत नहीं मिल पाई। खैर जीत तो जीत होती है, जीत छोटी बड़ी नहीं होती।
यहां पर चुनावों की तारीखों का ऐलान होते ही अमित शाह ने लगातार रोड शो करना शुरू कर दिया था। अमित शाह ने रोजाना रोजाना 3 से 4 जनसभाएं की। मोदी ने 10 रैलियां की। वहीं यूपी के सीएम योगी भी 8 से ज्यादा रैली की।
यहां पर कांग्रेस जीती 101 और भाजपा सिमट गई 73 पर।

अब बात करते हैं मध्यप्रदेश की तो यहां भले अभी जीत पर पेंच फंस रहा हो लेकिन यहां पर कांग्रेस ने अच्छा प्रदर्शन किया है। उम्मीद लगाई जा रही है कि यहां पर कांग्रेस 115-16 सीटें जीत लेगी। अगर 116 सीटें जीती तो स्पष्ट बहुमत आ जायेगा फिर कांग्रेस को किसी का मुंह ताकने की जरूरत नहीं है। यहां पर भाजपा की तरफ से सीएम शिवराज सिंह ने एक महीने में 158 जनसभाएं की जो कमलनाथ व ज्योतिरादित्य सिंधिया दोनों की सभाओं से ज्यादा थी। सीएम शिवराज ने 20 से ज्यादा रोड शो भी किए। आखिरी 10 दिनों में तो शिवराज ने एक दिन में 5 से 12 सभाएं तक कीं। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने 23 सभाएं, 6 रोड शो किए। मोदी ने 10 और योगी ने 20 रैलियां की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि हम जनादेश का सम्मान करते हैं और उसे स्वीकार करते हैं। उन्होंने कहा कि मैं छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश व राजस्थान की जनता को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने हमें उनकी सेवा करने का मौका दिया। भाजपा सरकारों ने इन राज्यों में जनता के विकास के लिए लगातार कार्य किए हैं।

इसके अलावा पीएम मोदी ने ट्वीट कर कांग्रेस को जीत की बधाई दी। उन्होंने तेलंगाना में जीत के लिए केसीआर गरु व मिजोरम में मिजो नेशनल फ्रंट को जीत हासिल करने के लिए बधाई दी। पीएम मोदी ने कहा हार-जीत जीवन का हिस्सा हैं। हमारे कार्यकर्ताओं ने बिना थके काम किया है। उन्होंने कहा कि आज के परिणाम हमें और जनता की भलाई के लिए और मेहनत करने के लिए प्रेरित करेंगे।

कांग्रेस के नेताओं एके अंटनी को मध्यप्रदेश का पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है तो मल्लिकार्जुन खड़गे को छत्तीसगढ़ के पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी दी गई है।

 

https://youtu.be/Vi86wHgtqds


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