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हिमाचल गुड़िया रेप केस: आरोपियों को बचाने वाले IG और DSP समेत 8 पुलिस अफसरों को सबीआई ने किया गिरफ़्तार

 

 

 

हिमाचल में गुड़िया रेप केस में एक नया मोड़ आ गया है। आपको बता दें कि सबीआई ने उन पुलिस वालों को गिरफ्तार कर लिया है जिन्होंने आरोपियों को बचाया था।
6 जुलाई को हिमाचल के कोटखाई जंगलों में बिटिया का शव बरामद हुआ था। जिसके बाद कोटखाई समेत शिमला में रेप के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए और पब्लिक ने सबीआई जांच की मांग की।

इस केस में जब पुलिस पर दबाव बना तो रसूखदार आरोपियों की गिरफ्तारी तो हो गयी लेकिन पुलिस ने सबूतों के आधार पर सभी आरोपियों को छोड़ दिया लेकिन 6 में से एक आरोपी की वहीं थाने में पीट पीट कर हत्या कर दी गयी। जबकि वह गवाह बनने को तैयार हो गया था और अपने सभी साथियों की करतूत बताने वाला था।

अब कोटखाई गुड़िया गैंगरेप हत्याकांड में नया मोड़ आ गया है। सीबीआई ने इस मामले में आईजी को गिरफ्तार किया है। मिली जानकारी के सीबीआई ने आईजी जहूर जैदी समेत आठ पुलिस अफसरों और कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा डीएसपी मनोज जोशी को भी गिरफ्तार किया गया है।
इन सभी पर गुड़िया गैंगरेप हत्याकांड के असली आरोप‌ियों को बचाने का आरोप है। सीबीआई की इस कार्रवाई से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है।

वहीं इस मामले में अभी और कई खुलासे हो सकते हैं। कोटखाई गुड़िया गैंगरेप हत्याकांड में पहले कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था लेकिन बाद में इन्हें छोड़ दिया गया था।

पुलिस ने इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया था जिनमें से एक आरोपी सूरज की लॉकअप में हत्या कर दी गई थी।


आईजी जहूर जैदी ने आनन-फानन में प्रेस वार्ता की जिसमें आधे-अधूरे तथ्य पेश किए। रेप कहां हुआ इस बारे में भी पुलिस ने कुछ नहीं बताया। हत्या कैसे हुई इस बात की भी जानकारी नहीं दी गई। रेप कितने लोगों ने किया। इसके अलावा क्या रेप जंगल में किया गया या कहीं दूसरी जगह।

इसका भी पुलिस के पास जबाव नहीं था। पुलिस कस्टडी में आरोपी सूरज की हत्या हुई। इस पर भी कई सवाल उठे। सूत्रों के मुताबिक सूरज सरकारी गवाह बनने को तैयार हो गया था। ऐसे में उसकी हत्या से भी कई सवाल अधूरे रह गए जिनका पुलिस के पास कोई जबाव नहीं था।

जब सूरज ‌की हत्या हुई तो पुलिस थाने के सभी कर्मचारी कहां थे। पुलिस इस पर भी अपनी पक्ष तरीके से नहीं रख पाई। पुलिस के संतरी ने बयान दिया कि जेल में उसके सामने रेप के एक आरोपी सूरज की हत्या नहीं हुई जबकि पुलिस की थ्योरी कहती है कि राजेंद्र उर्फ राजू ने सूरज को लॉकअप में मार डाला।


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