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एकादशी पर विशेष : घर में पारिजात यानि हरसिंगार का पौधा लगाएं और साक्षात माँ लक्ष्मी की कृपा का पात्र बनें : श्री सत्यसाहिब स्वामी सत्येन्द्र जी महाराज

 

 

 

“आज एकादशी के मौके पर स्वामी सत्येन्द्र जी महाराज एक ऐसा अचूक उपाय बता रहे हैं जो घर में धनवर्षा कर देगा। घर में खुशहाली लाएगा और सुख शांति देगा।”

 

श्री सत्यसाहिब स्वामी सत्येन्द्र जी महाराज आज एक ऐसे पौधे के बारे में बता रहे हैं जिसके घर में लगाने से और उसकी सेवा करने से माँ लक्ष्मी प्रसन्न होती जाती हैं। घर में सुख शांति आती है। घर धन सम्पन्न हो जाता है। धन का रुकना शुरू हो जाता है।
श्री सत्यसाहिब स्वामी सत्येन्द्र जी महाराज आज पारिजात यानि हरसिंगार पौधे के बारे में बता रहे हैं जिसका पुराणों में भी वर्णन मिलता है।

 

परिजात यानि हरसिंगार का पौधा अपने घर में सिर्फ एक बार लगाकर तो देखिये और फिर देखिये घर में लक्ष्मी का सभी सुख सहित कैसे वास होता है :-

 

जैसा कि हम सभी जानते ही हैं कि बिना मेहनत के हमें कभी सफलता नहीं मिल सकती लेकिन कई बार हमें ऐसा लगता है, जैसे मानो हम परिश्रम तो करते हैं,परंतु हमें हमारे परिश्रम का पूरा पूरा फल नहीं मिलता और साथ ही हमारे घर में ना जाने कहाँ से अचानक बिन बुलाये संकट के बादल छा जाते हैं और बिना किसी कारण हमारे घरों में परस्पर कलह,वाद विवाद से घोर अशांति बनी ही रहती है,यहां यक की- हम चाहे कितनी ही पूजा पाठ सहित कितना भी प्रयास क्यों न कर लें,परंतु ये अनावश्यक प्रकार के संकट और नकारत्मक उर्जा हमारे घर से जाने का नाम ही नहीं लेती है और हमारे सभी काम में कोई ना कोई बाधा आती ही जाती है, यदि बिना किसी कारण ऐसा आपके साथ निरन्तर हो रहा है, तो आज मैं आपको एक ऐसे दिव्य पौधे के बारे में बताऊंगा, जिसे घर में लगाते ही सारे दुःख को निर्मित करने वाली नकारात्मक ऊर्जा जो घर में असन्तुलित हो गयी है,वो सन्तुलित होकर आपको सभी शुभ लाभ देगी।

सभी देवताओं और लक्ष्मी माता का सबसे प्रिय पौधा- पारिजात यानि हरसिंगार:-

आप जानते ही होंगे कि समुद्र मंथन से 14 रत्नों की उत्पत्ति हुई थी, जिसमे से पारिजात पौधा ग्यारहवें नंबर का वनस्पति के रूप में दिव्य रत्न था,ये पौधा देवताओं के हिस्से में आया था, जिस कारण इसे देवताओं ने स्वर्ग में स्थापित किया और उसके उपरांत अपने प्रिय ऋषि और भक्तों के लिए पृथ्वी पर भी इसे उनके सभी कल्याण को प्रदान किया,यो इसकी स्थापना से सभी देवता इससे और इसे स्थापित करने वाले भक्तों से बहुत ही प्रेम करते हैं।साथ ही ये ग्यारहवें रत्न यानि पूर्णिमां देवी की ग्यारहवी कला शक्ति इसमें समाहित है।

विशेष रूप से कब लगाये इस दिव्य पोधे को:-

वेसे भी ये एकादशी को जन्म होने के कारण इस दिव्य पोधे को यदि एकादशी के दिन अपने घर में लगाया जाये-तो सभी देव देवियों की कृपा से सभी सुख,एश्वर्य और वैभव यानि टीम मन धन की प्राप्ति में अति तीर्व व्रद्धि होती है।एकादशी के व्रत के दिन पर पोधे के नीचे घी का दीपक जलाये और इस पर जल अर्पित करें,तो एकादशी के व्रत का और भी उच्च फल आपको प्राप्त होगा।

यो इसे अवश्य एकादशी के दिन लगाये और यदि आप इसे लगा चुके है और लगाये और स्थान नहीं हो तो किसी आश्रम और मन्दिर या पार्क में जाकर लगाये आपको शुभ लाभ मिलेगा।
और एकादशी को इसकी पूजा और इसपर सादा जल में गंगा जल मिलाकर उसे अपने इष्ट और गुरु मंत्र जपते हुए अर्पित यानि चढ़ाने से इष्ट और गुरु कृपा की प्राप्ति सहित चमत्कारिक लाभ मिकते है।
इसके फूलो की माला बनाकर भगवान सत्यनारायण और भगवती पूर्णिमां को अथवा विष्णु भगवान और लक्ष्मी माता के गले में चढ़ाने से उनकी बड़ी ही मनोरथ भरी कृपा की प्राप्ति होती है।

सामान्यतौर पर भी पारिजात पौधा लगाने से क्या होगा:-

1-पारिजात पौधा घर में लगाने से घर की सभी नकारत्मक उर्जा घर से बाहर चली जाएगी।

2-पारिजात के पौधे को नित्य प्रतिदिन जल चढ़ाने के उपरांत प्रातः और साय स्पर्श करने से आप में सकारात्मक उर्जा का अनुभव करने लगेंगे।

3-पारिजात पौधे लगाने से सभी देवताओं के देव दोष दूर हो जाते हैं।

4-यो आपके घर में सदा सकारत्मक उर्जा बनी रहेगी,जिससे घर में चारों तरफ से खुशियाँ आने लग जायेंगी।

5-आपके बिगड़े काम बनना शुरू हो जाते हैं।

6-माता लक्ष्मी को भी ये पौधा बहुत पसंद है,क्योकि वे भी इसी के साथ समुंदर से प्रकट हुयी और वे विष्णु जी को प्रिय है, इसलिए ये पौधा आपके जीवन में धन की कमी को भी अवश्य ही पूरा कर देता है।

इस ज्ञान लेख को अपने परिचितों पर अधिक से अधिक शेयर करके धर्म पूण्य लाभ कमाए।

 

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श्री सत्यसाहिब स्वामी सत्येंद्र जी महाराज

जय सत्य ॐ सिद्धायै नमः

 

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