Breaking News
BigRoz Big Roz
Home / Breaking News / देश गुस्से में, भारतीय जांबाजों की शहादत का क्या यही है सम्मान!! ये कैसी बेरुखी, पढ़िए इस रिपोर्ट में शहीदों का ऐसा अपमान देख आप भी रह जाएंगे हैरान

देश गुस्से में, भारतीय जांबाजों की शहादत का क्या यही है सम्मान!! ये कैसी बेरुखी, पढ़िए इस रिपोर्ट में शहीदों का ऐसा अपमान देख आप भी रह जाएंगे हैरान

 

 

 

भारतीय सैनिक अपनी जान की बाजी लगाकर देश की रक्षा के लिए जी जान लगा देते हैं लेकिन क्या उनको वैसा सम्मान मिलता है तो जबाव होगा नहीं.. आज जो तस्वीर देखने को मिली उससे तो वैसा ही प्रतीत होता है। हमारे जांबाज देश के बहादुर वीर सैनिक देश की रक्षा करते हुए जान गँवा देते हैं लेकिन उनकी शहादत का सम्मान कभी ऐसे भी हो सकता है किसी ने सपने में भी नहीं सोचा होगा।
अरुणाचल प्रदेश के तवांग में हेलिकॉप्टर क्रैश में शहीद हुए जवानों के शवों को पॉलिबैग और पेपर बॉक्स में रखलर लाया गया। जिसके बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने अपने अपने गुस्से का इजहार किया।
क्रिकेटर गौतम गंभीर ने भी ट्वीट करके इसे शहादत का अपमान बताया और इसे शर्मनाक करार दिया।
विवाद बढ़ने के बाद सरकार ने इसे असामान्य माना और कहा कि भविष्य में शवों को उचित तरीके से पहुंचाना सुनिश्चित किया जाएगा।

शुक्रवार को अरुणाचल प्रदेश में वायुसेना का एमआई 17 वी5 हेलिकॉप्टर हादसे का शिकार हो गया था, जिसमें 7 सैनिक शहीद हो गए। सेना के एक पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल ने रविवार को एक तस्वीर ट्वीट की, जिसमें शहीदों के शवों को पॉलिबैग में लपेट कर पेपर बॉक्स में रखा दिखाया गया था। उन्होंने बताया कि उचित ताबूत मिलने तक सीमावर्ती चौकियों पर सैनिकों के शवों को रखे जाने के लिए बॉडीबैग का इस्तेमाल किया जाता है। सेना में कैनवस के बने बॉडीबैग अथॉराइज नहीं है, सो यूनिटों में मेकशिफ्ट बॉडीबैग इस्तेमाल किया जाता है।

वहीं क्रिकेटर गौतम गंभीर ने ट्वीट में लिखा, ‘IAF क्रैश के शहीदों के शव…शर्मनाक! माफ़ करना ऐ दोस्त, जिस कपड़े से तुम्हारा कफन सिलना था, वो अभी किसी का बंद गला सिलने के काम आ रहा है!!!’

सूत्रों के मुताबिक मामला रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण तक पहुंचा है। रक्षा मंत्री ने इस मामले के भले ही जांच के आदेश दे दिए हों लेकिन ये एक बड़ी चूक है और शहीदों का अपमान भी।

वहीं दूसरी ओर भारतीय वायुसेना के मास्टर वॉरंट ऑफिसर (MWO) एके सिंह के अंतिम संस्कार के दौरान प्रशासन की बेरुखी देखने को मिली। बिहार के छपरा में उनका शनिवार को अंतिम संस्कार किया गया। इलाके के लोगों का आरोप है कि इस दौरान स्थानीय प्रशासन की तरफ से किसी तरह की मदद नहीं दी गई।

शहीद एके सिंह के पुत्र का कहना है, ‘हमें मजबूरन उनका पार्थिव शरीर एक प्राइवेट गाड़ी में लेकर आना पड़ा। प्रशासन की तरफ से कोई यहां नहीं आया। उन्होंने मेरे पिता की शहादत का अपमान किया है।’

शुक्रवार सुबह अरुणाचल प्रदेश में तवांग के पास आईएएफ का एमआई-17 वी5 हेलिकॉप्टर सुबह 6 बजे के करीब दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। उस समय हेलिकॉप्टर एयर मेंटनेंस मिशन पर था। जानकारी के मुताबिक, अग्रिम चौकियों पर सप्लाई पहुंचाने के दौरान यह हादसा हुआ। हादसे की जांच के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वॉयरी का गठन किया गया है।

सूत्रों का कहना है कि सप्लाई की चीजों में केरोसिन भी शामिल था, जिसे पैराशूट के जरिये उतारा जा रहा था। पैराशूट किसी कारण से हेलिकॉप्टर के रोटर से उलझ गया और यह हादसा हुआ। पिछले साल उत्तराखंड के चमोली में भी एक एमआई 17 वी5 हादसे का शिकार हुआ था।

Please follow and like us:
15578

Check Also

विराट का शतक भी नहीं बचा सका भारतीय टीम की हार, 6 विकेट से जीती न्यूजीलैंड की टीम

  विराट के शतक की बदौलत भारतीय टीम 280 रन बनाने में सफल जरूर रही …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Enjoy khabar 24 Express? Please spread the word :)